08/11/2015

मिट्टी के दिये #changingdiwali



वोह गेरू  के रंग से रंगी दीवार, गेंदे के फूलों की  माला, आम के पत्तो की तोरन… 
आज दिवाली के लिए खील खिलोने, लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, मिठाई, रंगीले दिए ले आये हैं...
थोड़ी देर तक तो उत्साह रहा...
लेकिन फिर वही पुराने समय की बाट जोहना शुरू...
नहीं भूल पा रहे वहां की यादें, दादी बाबा, भाई बहन का लड़ना, पापा मम्मी का डांटना...
वोह गेरू के रंग से रंगी दीवार, गेंदे के फूलों की माला, आम के पत्तो की तोरन…
वोह पहला छोटा घर, बचपन का बिछोना, छत के पटाखे, मिट्टी के दिये और गिनती की फुलझड़ी, अनार ...
कब तक फ़ोन पे करे बातें, भेजें कीमती उपहार ?
कोई बात दो जरा सा कहाँ से लाएं विदेश में अपनों का साथ, पुरानी गड्ढे  वाली गलियां, गालियां और प्यार ?

आपकी दिवाली अपनों के साथ मंगलमय बीते , मौका मिले तो हमारी तरफ से शुद्ध देसी घी के बढ़िया वाले मोती चूर के लड्डू अवश्य खा लीजो लाला रे ! 

No comments:

Post a Comment